लॉकडाउन की वजह से गोरखपुर विश्वविद्यालय में बचे हुए एग्जाम जुलाई के पहले सप्ताह में हो सकते हैं। कुलपति से बातचीत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन एग्जाम की डेट फिक्स हो सकता है। सरकार की गाइडलाइन आने के बाद परीक्षा को लेकर तैयारियां शुरू करा दी गई हैं। शनिवार से प्रशासनिक भवन से लेकर सभी विभागों को सैनिटाइज कराया जाएगा।प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने पत्र भेजकर प्रदेश सरकार के निर्णय से अवगत कराते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाएं 30 जून के बाद शुरू कराई जा सकती है। हालांकि शासन स्तर पर परीक्षा के दौरान कुछ सावधानियां भी बरतने का निर्देश दिया गया है।आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा के शेड्यूल को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। स्नातक स्तर पर करीब 50 फीसदी और परास्नातक स्तर पर पांच फीसदी ही परीक्षाएं बची हैं।

कुलपति अभी शहर के बाहर हैं, उनके आने के बाद तिथि तय की जाएगी। परीक्षा नियंत्रक विभाग शुक्रवार को पूरे दिन परीक्षा को लेकर मंथन करता रहा और खाका तैयार करने में अधिकारी व कर्मचारी लगे रहे। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि शासन का निर्देश मिला है।

निर्देश के अनुसार परीक्षा को लेकर कुलपति से विमर्श के बाद परीक्षा की तिथि घोषित की जाएगी। सभी विश्वविद्यालयों में जुलाई के पहले सप्ताह के आसपास परीक्षा शुरू कराने पर विचार हो रहा है, यहां भी उसी अनुरूप शेड्यूल तैयार किया जाएगा।

बीएड की प्रवेश परीक्षा जुलाई में किसी भी रविवार को शासन से आए निर्देश में बीएड की प्रवेश परीक्षा जुलाई में किसी भी रविवार को शासन से आए निर्देश में यह भी कहा गया है कि बीएड-2020 की संयुक्त प्रवेश परीक्षा जुलाई में किसी रविवार के दिन ही कराई जाएगी। विश्वविद्यालय रविवार को परीक्षा का शेड्यूल नहीं रखेंगे।